विवादित हस्ताक्षर की रेखाओं पर पेंसिल से दोबारा नहीं लिखना चाहिए, पास में स्पष्टीकरण नहीं लिखना चाहिए, हस्ताक्षर के स्थान पर कागज़ नहीं मोड़ना चाहिए, दस्तावेज़ को लैमिनेट नहीं करना चाहिए और उसका कोई भाग काटकर नहीं निकालना चाहिए।
मूल दस्तावेज़ को अलग फ़ाइल-कवर में रखना और विशेषज्ञ को पूरा दस्तावेज़ दिखाना बेहतर है।
